गुड़िया हम शर्मिंदा हैं :-
मध्य प्रदेश के मंदसौर में 7 साल की बच्ची के साथ जो विभत्स बलात्कार हुआ उसे सुनकर रूह कांप गयी।
गुड़िया के पिता सिर्फ 10 मिनट देर से उसे लेने स्कूल पहुचे और आरोपी इरफान ने उसे अपना शिकार बना लिया।
सोचता हूं कि जिस उम्र में बच्चियों को उनके जननांगों के बारे में कुछ पता ही नहीं होता उस उम्र में एक व्यस्क पुरुष की उसके साथ होती दरंदगी के समय वह क्या सोच रही होगी कि उसके साथ ये वाले अंकल क्या और क्युं कर रहे हैं।
विभत्सता देखिए कि बच्ची की हालत बेहद नाजुक है। दिल के मज़बूत डॉक्टर भी उस स्थिति में एक छोटी सी बच्ची को कराहते देख सहम चुके हैं।
7 घंटे तक चले आपरेशन में उस गुड़िया का रेक्टम(मलाशय ) बुरी तरह फट चुका है तथा प्राइवेट पार्ट बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर लहूलुहान है।
प्राइवेट पार्ट को संक्रमण से बचाने और रेक्टम से मोशन पास होने के कारण गुड़िया की आतों को काट कर अलग से रास्ता बनाना पड़ा।
जगह जगह पूरे शरीर पर दरिंदे इरफान के दांतो से काटने के निशान हैं। नाक पर जख्म इतने गहरे है कि ट्यूब लगानी पडी और मुंह के घावों को ढकने के लिए ल्यूकोप्लास्टी की गई है।
मर्दों ? सुनो और जानो और महसूस करो उस गुड़िया के दर्द को।
एक मर्द कितना घिनौना हो सकता है उसकी सारी हैवानियत उस बच्ची के शरीर पर दर्ज है। कोई भी माँ बाप जिनकी बच्ची है वो इस तरह की घटनाएं होने से सहम जाते है।
बेटी क्यों पैदा करना इस देश में जहाँ उसकी सुरक्षा न हो सके। माँ पथराई आँखों से उसे लगातार एकटक देख रही की वो होश में आ जाए बच्चे कुछ नहीं बोल रही। रात से सुबह तक एक करवट लिए बच्ची बेजान पडी रही।बाप की मांग है कि उस दरिंदे को बीच सड़क फ़ासी हो।
बलात्कार का हर भोगी दोषी को शरियत के अनुसार सजा देना चाहता है परन्तु दुनिया के सबसे अधिक महिला अत्याचार वाले इस मुल्क में कुछ लोगों को शरियत नाम से ऐतराज़ है चाहे बहन बेटियाँ गुड़ियाँ बनती जाएँ।
मेरी सरकार से माँग है कि यदि आरोपी इरफान अदालत में दोषी सिद्ध हो तो उसे सज़ा के तौर पर शरियत का तरीका अपना कर सजा दी जाए और चौराहे पर सर कलम किया जाए जिससे लोगों में यह डर पैदा हो कि बलात्कार की सजा उनको भी ऐसे ही दी जाएगी।
गुड़िया हम शर्मिंदा हैं की तुम पर आत्याचार किया गया पर हम कुछ नहीं कर सकते।
इस कड़ी मे मन्दसौर के मुस्लिम समाज की पहल की आरोपी इरफान के लिए सजा ए मौत की डिमान्ड और उसे कब्रिस्तान मे जगह तक न दिया जाए काबिल ए तारीफ है,
जब बलात्कार जैसे घिनौने अपराध मे भी हिन्दू मुस्लिम कोण की तलाश की जाती!

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